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बिजनेस प्लान क्या है और केसे बनाये ?

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business plan
How to make business plan in hindi?

What is business plan ? How to make business plan -बिजनेस प्लान क्या है और केसे बनाये ?

बिजनेस प्लान क्या है ?

बिजनेस प्लान एक ऐसा document है जो किसी नए business से related “क्या”, “क्यों”, और “कैसे” जैसे प्रश्नों का answer देता है। For ex:

  •  हमारा बिजनेस क्या है?
  •  हम ये बिजनेस क्यों कर रहे हैं?
  •  हम इसे कैसे करेंगे? आदि।

एक बिजनेस प्लान किसी business को, उसके objectives को, उसकी strategies को,वह किस market में काम कर रहा है और उसके financial situation क्या हैं बताता है। Business Plan बताता है कि एक नए बिजनेस का goal क्या है और उसे कैसे achieve कर सकते है । business plan एक तरह से किसी business के गाइड या मैप की तरह होता है , जो व्यपार को ट्रैक पर रखने में मदद करता है।

बिजनेस प्लान किसी नए business के लिए बनाया जाता है लेकिन अगर कोई एक्ज़िस्टिंग ओर established बिजनेस है और उस पर बिज़नेस plan बनाकर कुछ नया करे तो वो भी आगे बढ़ सकता है।

जब भी कोई नया बिजनेस शुरु होता है तो बिज़नेसमेन  ज़रूर उसको लेकर कुछ प्लानिंग करता है। वो सोचता है कि मेरा business क्या होगा? मैं कहाँ से ये बिजनेस करूँगा? मेरे customer कौन होंगे? इसमें investment कितना होगा ? हम अपने बिजनेस की मार्केटिंग कैसे करेंगे? हमारा लक्ष्य क्या होगा?, etc. लेकिन बहुत से लोग इन चीजों को नहीं सोचते हैं । बिज़नेस प्लान दरअसल इन्ही बातों पर काम करता  है।

यहाँ ये भी आपको क्लियर कर दे कि बिजनेस प्लान सिर्फ स्टार्टअप पर ही नहीं , बल्कि एक्ज़िस्टिंग businesses पर भी एक बिजनेस प्लान बना सकता हैं, ये जब काम आता जब आपको बिज़नेस बढ़ना हो और fund की ज़रूरत हो। बिजनेस प्लान में लिखी बातें समय समय पर  व अलग तरीके और परिस्थितियों के हिसाब से बिजनेस प्लान में बदलाव किया जा सकता है।

 

बिजनेस प्लान क्यों बनाया जाता है

अगर आप यह सौच रहे हैं कि इसकी ज़रूरत क्या है? तो  ये जान लें कि जो बिज़नेस एक अच्छे business plan  के साथ शुरू होता हैं उनकी success होने के chance 30 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं।

बिजनेस प्लान की आवश्यकता क्या है? 

बिजनेस प्लान आपको अपने goals पर स्थिर रहने में मदद करता है और साथ ही कोई भी बिज़नेस के सक्सेस होने के चांस को बडा देता है ।

Business Plan आपके बिजनेस का एक हार्ड कॉपी देने मे और आपका बिज़नेस कैसा परफॉर्म कर रहा हैं, ये बताने के लिए एक बहुत बढ़िया जरिया है।

अच्छा business plan कैसे बनाए?

एक अच्छा business plan के अंतर्गत :

  • अगले 2-3 सालों में आपके महत्त्वपूर्ण भूमिका(objectives)क्या होंगी?
  • उन भूमिका को पाने के लिए आपकी strategies क्या होगी और
  • आपकी सबसे पहली विशेष प्राथमिकता (priorities) क्या होंगी?

इन चीजों के अनुसार आप किसी भी समय evaluate कर सकते हैं और आप जिस राह पर आगे बढ़ रहे हैं वो सही है या अपको कुछ विशेष बदलाओं करने की ज़रूरत है।

business plan का क्या मुख्य काम है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि बिजनेस प्लान का काम बस external funding या internal funding लेने में काम आता होता है।जी हाँ investors, banks, venture capitalist firm आपके ideas में पैसा लगाने से पहले बिजनेस प्लान ज़रूर देखते हैं, लेकिन अगर आप self-funded हैं तो भी आपको business plan ज़रूर बनाना चाहिए। 

बिजनेस प्लान का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके खुद के दिमाग में सफाई आती है कि आप को क्या और कैसे करना चाहते हैं।

नीचे दिए गए संस्था या लोग जो आपसे बिजनेस प्लान मांग सकते हैं:

  • Banks
  • External investors – venture capitalist firm या कोई businessman या individual investor
  • किसी तरह की grant देने वाला 
  • आपका बिजनेस या आइडिया को खरीदने में दिलचस्पी रखने वाले लोग
  • ऐसा व्यक्ति या लोग जो आपके बिजनेस partner बनना चाहते हैं
  • Government agencies या officers

एक अच्छे बिज़नेस प्लान को बनाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है। यह निम्नलिखित हैं :

इस बिज़नेस प्लान को बनाने का मुख्य उद्देश्य (Core Objective) क्या है ?

Business Plan को किन लोगों के लिए बनाया जा रहा है क्या वो लोग इसमे पैसा लगायेगे और या फिर इसे पढ़ने वाले लोगों में Investors या Bankers हैं जिनका धन व्यवसाय में Invest हुआ है ?

Business Plan में क्या-क्या शामिल है?

आपको एक विस्तृत Business Plan चाहिए ?

जब इन प्रश्नों का उत्तर मिल जाता है तो एक businessman अपना बिज़नेस प्लान बनाना शुरू करता है। 

Business Plan में निम्न मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जाता हैं:-

बिजनेस का उदेश्य क्या है – एक अच्छी तरह से बनाया हूआ बिज़नेस प्लान किसी भी बिज़नेस के मुख्य उद्देश्यों को दर्शाता  है। इस Business Plan के माध्यम से व्यवसायी ने अपने भविष्य के सपने संजोता है। इसका पता एक अच्छे बिज़नेस प्लान से चलता है । इन मुख्य उद्देश्यों से आपके बिज़नेस से जुड़े लोगों को क्या लाभ होगा, इसका पता भी बिज़नेस प्लान से ही चलता है।

  1. Business के स्पष्ट विवरण का वर्णन – Business Plan के माध्यम से किसी भी बिज़नेस के बारे में पूर्ण रूप से का पता लगा सकते है। इस बिज़नेस प्लान के द्वारा यह पता चलता है की आपने अपना बिज़नेस कैसे शुरू किया था और आपका क्या मुख्य उद्देशय है ।
  2. व्यवसाय के उत्पाद और सेवाएँ क्या हैं – Business Plan को बनाते समय व्यवसायी यह निश्चित कर सकता है की उसे अपने बिजनेस मे या तो किसी प्रकार के Products का उत्पादन करना है और कोई Services देनी है।
  3. मार्केट विश्लेषण में सहायक – व्यवसायी जब Business Plan को बनाता है तो उससे पहले वह अपने बिज़नेस से जुड़े बाजार को देखता और समझता  (Market Analysis) है। इसके माध्यम से ही वह आगे  होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में पता लगा सकता है।
  4. व्यावसायिक Structure का विवरण – किसी भी व्यावसायिक ढांचे में उसके कर्मचारी और साथी की क्षमताओं का पता लगता है। 
  5. संसाधनों का उपयोग – किसी भी बिज़नेस मे बिज़नेसमैन के द्वारा शुरुआत मे सबसे अच्छा साधन उसमें लगाया गया धन और व्यवसायी का समय होता है। Business Plan को बनाते समय आपको यह सोचना होगा की इन दोनों महत्वपूर्ण टूल्स का उपयोग कैसे करना है।
  6. लक्ष्य निर्धारण – किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए उसका goal का निर्धारित करना जरूरी है। Business Plan को बनाते समय बिज़नेस के goal का निर्धारित करना सरल हो जाता है ।

How to make a business plan 

एक business plan में मुख्य निम्लिखित sections होते हैं:

किसी भी Business Plan का कोई फिक्स फॉर्मेट नहीं होता है और इसे आवश्यकता और समय के अनुसार बदला जा सकता है ।

 

1 एग्ज़ीक्यूटिव संक्षेप (Executive Summary)

एग्ज़ीक्यूटिव संक्षेप किसी भी बिज़नेस प्लान का पहला हिस्सा होता हैं और इसके अंतर्गत बिज़नेस प्लान से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण बातों को संक्षेप के रूप में लिखा जाता हैं|  

Business Model, Management Team,  Goals, Financial Projection, Fund or Loan Required ,Marketing Plan,Business Nature, Legal Structure, Product or Services, Target Market,आदि 

Business Plan का पूरा सार इस भाग में लिखा होता हैं, इसलिए इस भाग को सबसे आखिर में लिखना बेहतर होता हैं|

 

2 व्यावसायिक पृष्ठभूमि (Company or Business Overview)

इस हिस्से में आपके बिज़नेस से सम्बंधित पूरी जानकारी को विस्तृत रूप में लिखा जाता जैसे व्यवसाय की प्रकृति

आप क्या बेचेंगे ,Product or Service Description,

आपका Target Market क्या हैं,व्यवसाय का Legal Structure, साझेदारी या कंपनी हैं,कर्मचारी और मैनेजमेंट टीम,,व्यावसायिक स्थल

इसके अलावा इस हिस्से में बिज़नेस के Product या Services से जुडी सभी बातों को विस्तृत रूप में लिखा जाता हैं जैसे:-

आपका प्रोडक्ट या services से कौन सी समस्या घट  रही हैं या यह लोगों के क्या काम आ रहा हैं?

आपका product या services दुसरी कंपनी  से कितना अलग हैं?

लोग आपके Product या services को क्यों खरीदेंगे?

आप अपने productया services को कैसे बनायेगे और क्या याह सबसे बेहतर तरीका हैं?

क्या आपने products या services का registration  करवा दिया हैं?

 

3 बाजार विश्लेषण Market Analysis 

इस हिस्से में आपके Product या Service के Target Market से जुडी सभी मुख्य बातों का anlysise किया जाता है जैसे टारगेट मार्केट, मार्केट साइज़ और Demand

आप किसे बेचेंगे ( टारगेट Customer), आपके कॉम्पिटिटिव कौन हैं और उनके पास कितना Market target हैं, उनकी शक्तियां और कमजोरियां भी बिज़नेस प्लान का मुख्य हिस्सा हैं।

 

4 बाजार रणनीति Marketing Strategy 

Business Plan का यह चोथा हिस्सा हैं और बहुत महत्वपूर्ण भी माना जाता है। इस हिस्से वह सभी नीतियों वर्णन होता है जो आप अपने Product या Services को customer तक पहुँचाना है और Market मे लाना चाहते हैं। इस भाग के अंतर्गत आपको निम्न बातों को निश्चित करना होता है की :-

आपके Product या Service market में अपनी जगह कैसे बनायेंगे, Target Customer कौन हैं ,Pricing Policy क्या होगी , Product या Service को किस तरह से लोगो तक पहुचायेगे जैसे Marketing, Advertisement ,Social Media आदि .

डिस्ट्रीब्यूशन चेनल क्या होगा,बचने की Strategy क्या होगी?

 

5 Operations  कार्यप्रणाली 

यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं बिज़नेस प्लान का जिसमें बिज़नेस कार्यप्रणाली यानि कि बिज़नेस कैसा चलेगा? इससे जुडी सभी बातों की विस्तृत जानकारी होती हैं ।

1 Business Place – आप किस जगह पर अपना व्यवसाय करेंगे या फिर क्या आप जगह खरीदेंगे या किराए पर लेंगे|

2 Production Facility and System – आपके पास प्रोडक्शन Facility किस प्रकार की हैं और क्या यह जरूरत के लायक हैं|

3 Purchase Plan – आप अपनी मशीन को किस तरह से खरीदेंगे और क्या यह सबसे बेहतर तरीका हैं ।

4 Production Plan – आप किस प्रकार अपने Product या services का उत्पादन करेंगे| Demand  पर या Estimates के आधार पर।

5 Workforce Structure and their roles – आपके कर्मचारियों के पद, कार्यक्षेत्र और उनकी जिम्मेदारियां क्या होगी।

6 Systems and Information Technology – आपके बिज़नेस का मुख्य it system किस तरह का होगा।

7 Stock Facility – आप कितना माल रखेंग और कहाँ पर रखेंगे।

 

6 Financial Analysis वित्तीय योजना

वित्तीय योजना किसी भी बिज़नेस प्लान का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं क्योंकि यह हिस्सा आपके बिज़नेस  की सारी महत्वपूर्ण बातों numbers में प्रस्तुत करता हैं| इसी भाग से bank  या venture Firms को आपके business की वित्तीय स्थिति और पूँजी की आवश्यकता का पता चलता हैं जिसके आधार पर Banks लोन देती हैं और Venture Capital Firms, निवेश करते हैं| यह भाग मुख्य रूप निम्न बातों को दर्शाता हैं 

 

आपको Business के लिए कितनी पूँजी या फंड की जरूरत हैं और इसका उपयोग कहाँ  पर करेंगे आप इस पूँजी को कैसे जुटाएंगे Loan, Venture Funding, Own Capital etc., कितने वर्ष के लिए लोन  लेंगे, इसकी सुरक्षा क्या होगी और इसको वापसी कैसे भरोगे , बिज़नेस  के Revenue/Income जरिये क्या होंगे ,Business के खर्चे क्या होंगे (Purchases, Interest Payment, Rent etc.) अगले 3-5 वर्षों Profit & Loss prediction Balance Sheet.

बिज़नेस प्लान आपके आइडिया या बिज़नेस एक बहुत मुख्य हिस्सा है इसलिये इसे बनाते समय इसमे सावधानी बरतनी चाहिए।

यह भी पढ़ें:- 

30+ Low Investment Business Ideas in Hindi

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Business Ideas
30+ Business Ideas in hindi

30+ Low Investment Business Ideas in Hindi – 30 कम पूंजी मे आपना बिजनेस शुरु करने के नये आइडियास इन हिंदी |

Top low Investment Business Ideas

आज कल की मेह्गाई की की दुनिया में हर कोई व्यक्ति  अपना व्यापार खोलना चाहते है परतु वह दो कारण की वजह से फिर रुक जाता है। जिसमे पहला कारण है की कौन सा व्यापार खोले ओर दुसरा कारण पूंजी की कमी।

, तो यदि आप भी आपना रोजगार खोलना चाहते है और यही कन्फुय्जन मे है की कौन सा व्यापार सही रहेगा?कितनी पूंजी और समय लगेगा?

तो आज हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको एसे तीस बिज़नेस बताने वाले जिनमे कम निवेश लगाकर भी आप जल्दी उचाईयों पर पहुँच सकते है , तो इस आर्टिकल को अंत तक पढे और इन आइडियास का लाभ उठाये।

इन आइडियास की यह भी एक खासियत है कि इन्हे कोई भी housewife , स्टूडेंट (student ) या फिर बिज़नेसमेन  (businessman) असनी से शुरु कर सकते है।

सबसे पहले कोई भी व्यापर को चुनने से पहले आपको यह जानना और समझना होगा की ,क्या यह बिजनेस आपके बजट मे है? क्या इस बिजनेस की मुझे पूर्ण रूप से जानकारी है? और यदि है तो कितना समय लगेगा इसे ऊचाईयां हासिल करने में ?

आईये जानते है कुल एसे 30 स्वयं बिजनेस आइडियास जिससे आप आज ही शुरू कर सकते हैं और अपना व्यापार चालू कर सकते हैं।

क्योँकि जहाँ चाह है वहां राह है।

30+ कम पूंजी मे बिज़नेस कुछ निम्न रूप से है।

  • सोलर बिज़नेस (Solar Business Ideas) :

पूरे भारत मे ही बलकी विश्व में भी बिजली की जरुरत  जैसे-जैसे बढ़ती जा रही है वैसे ही  इसके बडाने के साधन भी बढ़ते जा रहे है|

ऐसे में सोलर बिज़नेस (Solar Business) ने काफी अच्छी प्रगति की है और आप भी उसका हिस्सा बनकर काफी अच्छा पैसा कमा सकते है|

आप भारत की टॉप सोलर कम्पनी Loomsolar (लूम्सोलर) के साथ जुड़कर मात्र हजार रुपये के इन्वेस्टमेंट में महीने के 30 हजार से 1 लाख रुपये तक की इनकम कर सकते है|

Loomsolar आपको तीन तरह से कमाई करने का मौका देता है, :

  1. Dealer डीलर
  2. Distributor डिस्ट्रीब्यूटर और
  3. Solar Installer सोलर इंस्टाललर

बनकर अपना व्यवसाय शुरु कर सकते है|

अधिक जानकारी के लिए आप Loomsolar.com पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते है|

किराना की दुकान (Grocery Shop) :

किराना की दुकान(Grocery Shop) हमेशा से ही एक अच्छे बिजनेस में गिना जाता है|

सबसे बड़ी बात तो यह है कि इसके लिए आपको किसी विषेश रूप की जानकारी की जरुरत नहीं है।

जिस क्षेत्र में किराना की दुकान कम हों वहाँ दुकान लगाना एक अच्छा विकल्प है, क्योकि वहाँ कॉम्पिटिशन ना होने के कारण आपके बिजनेस के सक्सेस होने के कारण काफी ज्यादा बढ़ जाते है|

इसमें आप कुछ अन्य सुविधाएँ, भी कर सकते है जिससे आप और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकते हैं  –

  • Home Delivery करना|
  • दूसरी दुकान से 2 या 4 रुपये कम पर माल बेचना जिससे आप का गाहक आपके पास ही आयेगा।

देखा जाए तो ये वाकई छोटी चीजे है पर ये अक्सर काफी बड़ी बैन जाती है| इसकी मदद से आपका किराना shop  और भी तेज़ी से आगे बढ़ेगा ।

फ्रीलांसर (Freelancer )

अगर आप भी आपने समय पर काम करना पसंद करते है और साथ ही अच्छे पैसे भी कमाना चाहते है तो आप फ्रीलांसर बन कर यह सब कर सकते। इसके बाद आप एक फ्रीलांसर एजेन्सीज़ भी खोल सकते हैं।

अगर आपके अन्दर –

Web Designing

Software Development

Content Writing

Photo Editing

Translation

आदि जैसा या अन्य कोई कंप्यूटर से जुडा हुनर हैं तो आप भी आसानी से अपना बिज़नेस कर सकते हैं|

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप काम करने का समय, कीमत और जगह खुद निर्धारित करते हैं  साथ ही

इसे आप part time भी कर सकते है।

 

इंटीरियर डेकोरेटर(Interior Decorator)

अगर आपको भी घर सजाने और वास्तु सस्त्र मे रुचि है तो

आप भी इंटीरियर डेकोरेटर का बिज़नेस शुरु करके सकते हैं, और अच्छी रकम भी कमा सकते है ।

आप घर के अलावा ऑफ़िस  और दुकान  के भी order ले सकते है |

इस में expert होने के लिये आप इसका कौर्से कर सर्टिफ़िकेट प्राप्त कर सकते है ।

 

बेकरी(Bakery Business)

 बेकरी भी एक बहुत आच्छा business है।जिसे

 कम पूंजी मे ही शुरु कर जा सकता है।

आप ब्रेअद,toast ,बिस्किट बनाकर या फिर व्होसलेलर से भी खरीद कर बेच सकते है।

इसकी आप होम delivery भी कर सकते है ,जिससे आपकी और ग्रोव्थ होगी और jaldhi आगे बड़ेगे।

 

टिफिन सेंटर (tiffin center)

अगर आप अच्छा खाना बनाते हैं तो जी हा आप यह बिज़नेस बड़ी आसानी से खोल सकते है। यह वव्साय housewives के लिये बहुत अच्छा रोजगार है।

इसमे Customer खोजने के जरुरत नहीं होती, क्योकि वह पहले से ही मौझुद होते है| ये काम आप अपने घर से ही कर सकते हैं और इसमें आमदनी भी काफी अधिक है|

 

Electronic Store (इलेक्ट्रॉनिक स्टोर)

आप थोडा सा अधिक पूंजी जुटाकर एक इलेक्ट्रॉनिक स्टोर  भी खोल सकते हैं| इलेक्ट्रॉनिक की मांग बहुत ज्यादा बढ़ती जा है और कोई भी व्यक्ति एक  इलेक्ट्रॉनिक स्टोर खोलकर आसानी से अच्छी आमदनी कमा सकता है|

पहले आप कम margin पर काम करे फिर जब कस्टमर्स एक बार बड जाए फिर margin बडा दे।

 

Real Estate Agent (रियल एस्टेट एजेंट)

यदि आपकी कम्यूनिकेशन स्किल्ल अच्छी है तो आप Real Estate Agents बन कर लोगों को उनकी पसंद से घर या जमीन दिलाने में मदद करे और उसके बदले में Property की कीमत का 1-2% कमीशन ले।

 

Juice Shop ( जूस की दूकान)

आजकल लोगों मे फ्रेश juice बहुत चलन मे और यदि आप कम पूंजी मे एक स्टेबल बिज़नेस start करना चाह रहे हे तो यह एक अच्छा बिज़नेस है और अच्छी कमाई भी कर भी देगा।इसे आप आपने घर पर भी खोल सकते है।

 

Candle Making Business Ideas (मोमबत्ती बनाना) /chalk making

Candle Making (मोमबत्ती बनाना) /chalk making  एक बहुत ही अच्छा Business है|

Market में मोमबत्ती और chalk की बहुत ही ज्यादा Demand है । Candle Making (मोमबत्ती बनाना) /chalk making बिज़नेस Start करने के लिए आपका Budget 10,000 रुपए से ज्यादा होना चाहिए और यदि आप इसे तेजी से ग्रो करना चाहते है तो कुछ Workers को भी काम पर रख ले।

 

Handicrafts Business Ideas – हेंडीक्राफ्ट

हेंडीक्राफ्ट भी आजकल एक बहुत ही ज्यादा profitable Business है, जो बहुत ज्यादा चर्चित हो रहा है|

यदि आप अच्छा best out औफ़ waste बनाना आता है तो आप के लिए एक यह अच्छा बिज़नेस है।

आप 5000-10000 रूपए के Budget में खोल सकते है|

इसमें सबसे जरुरी चीज यह है की आपकी  क्वालिटी अच्छी होनी चाहिये ।

 

Incense Stick Business (अगरबत्ती का बिज़नेस)

अगरबत्ती का बिज़नेस कम पूंजी एवं आधिक लाभ वाले Business में आता है| अगरबत्ती एक ऐसा माल है, जो लगभग सभी तरह के धर्म के लोग उपयोग करते है|

अगरबत्ती के Business में आपको बहुत ही कम पूंजी प

मे अच्छा Profit मिल जाएगा|

 

Toy Shop – खिलौना शॉप

अगर आप एक ऐसे जगह पर रह्ते है जहा कम खिलौना शॉप तो आप आपने घर पर ही खोल सकते है इसमे

बहुत ही कम पूंजी मे अधिक कमाई होती है।

यह एक बहुत ही अच्छा बिज़नेस है जो कम से कम पूंजी मे शुरु हो सकता है।

 

Yoga Class योग कक्षा

आजकल योग टीचर बनना नया प्रोफेशन है।और

यदि आप योग के फायदे जानते तो आप इसे एक बिज़नेस भी बना सकते है। यह एक part time business है पर आप इससे कमा सकते है ।

एक  योग कक्षा आप अपने घर के अंदर भी खोल सकते है, इसमें आपको बहुत ही कम पूंजी की आवश्यकता होगी  है|

 

Chocolate making Business Ideas – चॉकलेट बनाना

अगर आप अच्छी चॉकलेट बनाना जानते है तो आप या एक बिज़नेस मे भी बदल सकते है और कम निवेश मे ही ज्यदा पैसा कमा सकते है ।

आप अपने घर में ही एक चॉकलेट की दुकान खोल सकते है । यह बिज़नेस को और बड़ाने के लिये आप घर पर ही इसकी क्लास भी चालू कर सकते है ।यह housewives ओर student के लिये अच्छा बिज़नेस है।

 

Dance Classes (नृत्य कक्षाएं)

यदि आपको अच्छा नृत्य करना आता है, तो आप एक नृत्य कक्षाएं खोल सकते है| आप एक नृत्य कक्षा कि टीचर  बनकर अच्छी कमाई कर सकते है|

इसके लिए आप अपने घर में ही कक्षाएं खोल सकती है, साथ ही इस बिज़नेस में आपको अधिक पूंजी की आवश्यकता नहीं है|

Parking (पार्किंग)

आपके पास यदि एक अच्छी खाली जगह है और मार्केट के पास , तो आप उसे आसानी से बिज़नेस कर सकते है| आप वाहन के हिसाब से कस्टमर्स से पैसे ले साकते है

आप 10-40 रुपए भी ले सकते है ।

 

Plant Shop (पौधों की दुकान)

अगर आप पेड़ पौधों लगाने की जानकारी रकते है तो आप एक अच्छी जगह कराये पर लेकर nusury का बिज़नेस start कर सकते हैं।

आप कम पूंजी में इस Business की शुरु कर सकते है और अगर आप पौधों की Home Delivery करके अधिक पैसा कमा सकते है|

 

DJ ध्वनि सेवाएं (DJ Sound Services)

DJ ध्वनि सेवाएं आजकल बहुत प्रचलित है| जब भी कोई पार्टी  या बारात होती है, तो लोग उस्स्साह बनाने के लिए DJ को बुलाते  है|

ऐसे में यदि आप इस बिज़नेस को शुरू करते है, तो आपके लिए यह एक छोटा part टाईम बिज़नेस होगा, जिसमे आप अच्छा पैसा कमा सकते है|

इसे शुरू करने के लिए आपको पहले आपको कुछ DJ Tools खरीदने की आवश्यकता होगी एवं आपको 2

3-4 व्यक्तियों को काम पर रखने की आवश्यकता होगी|

 

फोटोग्राफर (Photographer )

 अगर आप फोटोग्राफी मे दिल जस्पी रक्ते और अच्छा camera चलना जानते है तो आप यह बिज़नेस की शुरुआत आज से ही कर सकते है। आज कल फोटोग्राफर बहुत ही चलन मे है। इसका फायदा उठाकर आप भी आच्छा पैसा कमा सकते है।आप शादी के,pre -weeding और सगाई जैसे इवेंट के ऑर्डर लेकर कमा सकते है।

 

Gift Store – गिफ्ट स्टोर

आजकल हर कोई व्यक्ति को हर उपलक्ष पर किसी ना किसी को गिफ्ट देने का सोचता है, और इसी को ही आप अपना बिज़नेस बना सकते है।इस आप आपने घर पर भी शुरू कर सकते ओर home delivery कर आपना business बडा सकते हैं।इसमें आप कस्टमर्स को सही गिफ्ट चुनना बताएगे।

 

Driving School Business Ideas – ड्राइविंग स्कूल

यदि आप कार चलना जानते है तो आप इसे एक बिज़नेस मे भी बदल सकते है। इसके लिये आपको एक कार की जरुरत होगी बस यह बहुत ही कम पूंजी वाला बिज़नेस है

और part time भी है।

 

Fashion Designer Business Ideas – फैशन डिजाइनर

यदि आप का फैशन sense अच्छा है तो fashion डिज़ाइनर का कौर्से कर एक अचछि डिज़ाइनर बन सकेंगे।

यह व्यवसाय घर भी शुरुआत कारी जा सकती है।

और इस व्यपार मे बहुत ही कम पूंजी लगती है।

 

इसके अलावा आप इन अन्न्य Business Ideas को भी देख सकते हैं:

  • Travel Agency – ट्रेवल एजेंसी
  • E-book Author – ई-बुक लेखक
  • Clothing Business – कपड़ों का बिज़नेस 
  • Security Agency – सिक्यूरिटी एजेंसी
  • Paper Products Manufacturing – पेपर प्रोडक्ट निर्माण
  • Breakfast Corner Shop -नाश्ते की दूकान
  • Insurance Agent – इंश्योरेंस एजेंट
  • Computer Trainer – कंप्यूटर ट्रेनर

यह भी पढ़ें:- 

How to start a blogging in hindi ? ब्लॉगिंग कैसे शुरू करें Guide for 2020

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How to start a blogging in hindi
How to start a blogging in hindi ? ब्लॉगिंग कैसे शुरू करें Guide for 2020

How to start a blogging in hindi ? 

आज में आप को step-by-step blogging hindi मे बताऊंगा। यह उतना जटिल नहीं है जितना कई लोग सोचते हैं।

आप 9 आसान step में blog शुरू कर सकते हैं।

  • step 1 – अपने blog के लिए perfect niche select करें।
  • step 2 – blogging के लिए platform select करें।
  • step 3 – अपने blog के लिए domain name select करें।
  • step 4 – अपने blog के लिए web hosting लें।
  • step 5 – अपने blog WordPress पर स्टार्ट करें।
  • step 6 – blog को  design करने के लिए WordPress theme select करें।
  • step 7 – अपने blog के लिए post लिखें।
  • step 8 – अपने blog को promote करें।
  • step 9 – अपने blog को monetize करें।

आप blog क्यों शुरू कर रहे हैं?

9 step of blogging start करने से पहले आपका why? clear होना चाहिए। यानी आपको पता होना चाहिए की आप blog क्यों शुरू कर रहे हैं। क्या आप कोई social message देना चाते हैं ? या फिर मेरी तरह आपके पास कोई skills हैं जिन्हे आप लोगों को सीखाना चाते हैं?

एक ब्लॉग आपको inform करने, educate करने, आपके business को promote करने में और यहां तक कि sale करने में भी मदद करता हे, पर आपको  पता होना चाहिए की आपको करना क्या हे।

step 1 :- अपने blog के लिए perfect niche select करें।

इससे पहले कि आप एक सफल blog start करना सीखें, आपको पहले अपनी niche select करनी होगी, यह पता लगाना होगा कि आपके लिए profitable niche कोनसी हे ,और आपके target readers कोन हें। niche एक विषय है जिसके बारे में आपका blog रहने वाला हे। niche blog को monetize करना आसान होता है इसे एक example से समझते हैं।

मान लीजिये की आपने food blog start किया आपने food से related post लिखे, अब इस blog से आप बहुत सारे तरीके से monetize कर सकते हो जेसे add network, amazon affiliation, brand promotion, online courses etc.

 

अपने blog के लिए एक niche कैसे चुनें

एक सफल ब्लॉगर बनने के लिए, आपको सही niche का चयन करना होगा और उस niche के भीतर पूरा knowledge होना चाहिए या फिर आपको knowledge प्राप्त करने पर काम करना होगा।

आप अपनी niche सिर्फ अपना interest देख के मत select करये क्योंकि अगर आपका interest ऐसी niche पर हे जिसमें बहुत competitive है तो आपको profitable बनने में एक साल या इससे भी ज्यादा लग सकता है।

आपके blog का niche ऐसा होना चाहिए जो low competitive हो और उस पर आप 30 topic बना सकें और उन topic पर minimum 1200 word लिख सकें।

low competition blogging niche idea for How to start a blogging in hindi

  • Gaming
  • Fashion
  • Tiny Houses
  • Movie Review
  • Baby
  • Local Blog
  • cat
  • Wedding
  • Product Review
  • SEO Niche
  • Fitness
  • Health
  • Photography
  • DIY
  • Kitchen Gadgets
  • Religion
  • Food
  • News sites
  • Money
  • Personal Finance
  • Careers
  • Celebrity Net Worth

step 2  blogging के लिए platform select करें।

Free platforms

यदि आप blogging को गंभीरता से लेना चाते हैं। तो आपको इन platforms से दूर रहना चाहिए। blogging को एक business की तरह लेना चाहिए और business में आपको invest करना ही पड़ता है। में आपको कम से कम investment के सात blogging बताऊंगा

मुफ्त blog प्लेटफ़ॉर्म जैसे कि Blogger, या Tumblr पर यदि आप blog बनाते हैं तो आप उनके नियमों और प्रतिबंधों के अधीन होंगे। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि blog के साथ पैसा कैसे बनाया जाए, तो वे आपके blog पर विज्ञापनों को सीमित या प्रतिबंधित कर सकते हैं, या वे अपने स्वयं के विज्ञापन भी दे सकते हैं। यदि आप blogging के बारे में गंभीर हैं, तो  निशुल्क blog साइटों से दूर जाना चाहते हैं।

WordPress 

हमारे देश में 95% website WordPress पर बानी हुई हैं। हमने भी अपने सभी blog wordpress.org से बना रखे हैं। WordPress.org एक ओपन सोर्स ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है जो आपको मिनटों में अपनी वेबसाइट या ब्लॉग बना सकते हैं।

step 3  अपने blog के लिए domain name select करें।

domain name वह होता हे जिस नाम से आप online जाने जाते हैं। जैसे की google.com, amazon.in ayushbisht.com etc.

domain name जितना छोटा होगा लोगों के लिए याद रखना आसान होगा। इसी लिए domain name हमेसा छोटा और सरल लें।

अगर domain name आपके niche से मिलता जुलता हो तो आपको ranking में आसानी हो सकती हे।

कुछ paid hosting के साथ आपको domain name free में मिल जाता है।

step 4  अपने blog के लिए web hosting लें।

web hosting एक computer ही है जिस पर आपकी website store रहेगी। यह super computer 24 hrs खुले रहते हैं ताकि आपकी website को कोई भी 24 hrs access कर सके।

सही hosting लेना सबसे जरुरी है। एक खराब hosting आपके blog के performance को खराब कर सकती है।

successful blog के पीछे hosting का बहुत बड़ा role होता है। यह सबसे best hosting हैं siteground hosting  में अपनी सभी website में use करता हूँ।

How to start a blogging in hindi ?

यह section आपको वेब hosting account के लिए साइन अप करने और WordPress blog setup करने में मदद करने के लिए detail जानकारी प्रदान करता है। एक उदाहरण के रूप में, मैं आपको दिखाऊंगा कि siteground के साथ एक blog कैसे बनाया जाए, और मैंने उन pages के screenshot शामिल किए जिन्हें आपको गुजरना है।

Choose a Hosting Plan

आपके लिए GrowBig Plan सबसे सही हे , इससे आप कई website host कर सकते हैं और इसमें SuperCacher शामिल हैं जो वेबसाइट की गति में सुधार करता है। पर यदि आपका budget नहीं हे तो आप startup Plan के साथ भी जा सकते हैं।

 

How to start a blogging in hindi

Domain Name select करें।

आप नया डोमेन खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं, या किसी मौजूदा डोमेन के साथ sign up कर सकते हैं।

How to start a blogging in hindi

 

Review and pay

How to start a blogging in hindi

 

step 5  अपने blog WordPress पर स्टार्ट करें।

अब आपको सिर्फ अपने hosting plan पर WordPress install करना हे इस साधारण से स्टेप के बाद आपका WordPress स्टार्ट हो जायेगा।

step 6  blog को  design करने के लिए WordPress theme select करें।

WordPress theme आपको बहुत ही सावधानी से करना है। इस website में में newspaper theme ues कर रहा हूँ ये एक premium theme है।  आप free theme का इस्तेमाल भी कर सकते हैं wpocean और genises theme undoubtedly सबसे best theme hen.

Congratulations, अब आपका blog launch के लिए ready है 

step 8  अपने blog को promote करें।

अब आप अपने blog पर पोस्ट लिख सकते हैं। blog को आप social media पर share करके या और paid add run करके promote कर सकते हैं जिससे आपके blog पर initial traffic आएगा।

step 9  अपने blog को monetize करें।

blog को monetize करना new blogger के लिए काफी मश्किल होता हे। आप अपने blog को add network से add लगा कर rupees earn कर सकते हैं इसमें आपको patience रखने की जरुरत हे। आप affiliate marketing से भी revenue generate कर सकते हैं अपने blog से related product या service के पीछे affiliate program google पर search करके देखें और उन्हें join करके अपने पोस्ट पर share करें।

अगर आपका niche product से related हे तो आप amazon, flipkart जसी e-commerce company को भी join कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें:- 

How to start a blogging

हमें यकीन है की “How to start a blogging”,पोस्ट के द्वारा आप blogging के बारे में जान चुके होंगे यदि आपका कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं।  

Digital marketing क्या है? digital marketing business कैसे करें?

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digital marketing business
digital marketing business

आज के समय में यदि आपको Digital marketing की अच्छी जानकारी हो, तो आप के लिए किसी भी बिज़नेस में सफल होना काफी आसान हो जाता है।

डिजिटल मार्केटिंग भी अन्य मार्केटिंग की तरह आपके बिज़नेस को कस्टमर के साथ जोड़ने का एक तरीका है।

अंतर केवल इतना है, की डिजिटल मार्केटिंग में आप कम पैसों में अधिक पोटेंशियल कस्टमर तक पहुँच सकते हैं। 

डिजिटल मार्केटिंग इतनी तेजी से ग्रो हो रही है, क्योंकि ऑफलाइन मार्केटिंग उतनी कारगर नहीं है। साथ ही ऑफलाइन मार्केटिंग में कस्टमर का कोई डाटा नहीं रहता।  

Digital marketing क्या है?

आज के समय में हमारे देश में करीब 50% लोग इंटरनेट पर मौजूद हैं। वो लोग दिन में average 4 से 5 घंटे फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं।

यदि हम इंटरनेट के द्वारा अपने बिज़नेस  की मार्केटिंग करते हैं तो उसे डिजिटल मार्केटिंग कहते हैं।

इंटरनेट के माध्यम से हमें इतने कस्टमर मिल जाते हैं, की हम अपने बिज़नेस को आसानी से ग्रो कर सकते हैं। 

डिजिटल मार्केटिंग के बहुत से सफल उदहारण हैं जैसे ईमेल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग और ब्लॉग्गिंग.

digital marketing के प्रकार

आज इंटरनेट पर मौजूद लगभग सब कुक्ष डिजिटल मार्केटिंग के अंतर्गत आता है। यह आप और आपके बिज़नेस पर निर्भर करता है, की नीचे दिए गए ऑप्शन में से आप किसे अपनाते हैं।

  • स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO)
  • कंटेंट मार्केटिंग
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग 
  • पे-पर-क्लिक (PPC)
  • एफिलिएट मार्केटिंग
  • ईमेल मार्केटिंग
  • स्पोंसरड कंटेंट
  • इनबाउंड मार्केटिंग
  • मार्केटिंग ऑटोमेशन 

ऊपर दी गयी लिस्ट में डिजिटल मार्केटिंग के कुछ महत्वपूर्ण तकनीक है। जिन्हें अब हम विस्तारित करंगे:

स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO)


स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन वो प्रकिया है जिससे आप अपने बिज़नेस को गूगल सर्च रिजल्ट पर रैंक करवा सकते हैं।

यदि आप अपने बिज़नेस के प्रचार में पैसे नहीं लगाना चाते तो स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन आपके लिए अछा ऑप्शन है। 

स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के द्वारा आपको बिना किसी पैसे के आर्गेनिक रैंकिंग से अच्छे विजिटर मिल जाते हैं। 

स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन से लाभ हर कोई नहीं उठा सकते। SEO से लाभ उठाने वालों में वेबसाइट, ब्लॉग और इन्फोग्राफिक्स शामिल हैं।

SEO करने के बहुत से तरीके हैं जिनमें ये कुछ महत्वपूर्ण तरके हैं:

  • ऑन पेज
  • ऑफ पेज 
  • टेक्निकल

ऑन पेज SEO

ऑन पेज SCO में पूरी तरह कंटेंट पर जोर दिया जाता है।

इसमें आप कीवर्ड रिसर्च करके आर्टिकल लिखते हैं, और कीवर्ड सर्च वॉल्यूम का खाश ध्यान रखा जाता है। 

ऑफ पेज SEO

ऑफ पेज SEO में आप ऑफ पेज की उन सभी गतिविधियों का ध्यान रखते हैं, जो आपके बिज़नेस की आर्गेनिक रैंकिंग में प्रभाव डालती हैं। 

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा यह गतिविधियाँ कौन सी हैं ?

इसका जवाब है, इनबाउंड लिंक जिसे बैकलिंक भी कहते हैं। 

बैकलिंक के लिए आपको अपने से हाई अथॉरिटी साइट के लिए गेस्ट पोस्ट लिखना होगा, और उस पोस्ट से अपने आर्टिकल को लिंक करना होगा। 

सिर्फ यही नहीं सभी सोशल मीडिया पर अकाउंट बना कर अपने आर्टिकल को शेयर कर सकते हैं। इससे आपके आर्टिकल की अथॉरिटी बढ़ेगी जिससे आर्टिकल को गूगल पर रैंक होने में मदत मिलेगी। 

टेक्निकल SEO

टेक्निकल SEO में वेबसाइट के बैकेंड पर काम किया जाता है। 

इससे आपके वेबसाइट का लोडिंग टाइम कम होगा, जो की गूगल के द्वारा रैंकिंग के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर माना जाता है। 

टेक्निकल SEO में इमेज कम्प्रेशन, CSS फ़ाइल और स्ट्रक्चर्ड डेटा शामिल है। 

कंटेंट मार्केटिंग


कंटेंट मार्केटिंग में हम इंटरनेट पर उपलब्ध कराने के लिए सामग्री का निर्माण और प्रचार करते हैं। 

इसका मुख्य उद्देश्य लीड जनरेशन करना, ब्रांड वैल्यू बनाना, और वेबसाइट पर ट्रैफिक लेकर आना है।

डिजिटल मार्केटिंग में कंटेंट मार्केटिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिसमें मुखिया निम्न्लिखित हैं। 

ब्लॉग पोस्ट 

वेबसाइट पर ब्लॉग पोस्ट लिखकर आप अपनी विशेषज्ञता स्थापित कर सकते हैं। जिससे आपको लीड जनरेशन में मदत मिलेगी। 

सिर्फ यही नहीं ब्लॉग पोस्ट लिखने से आप अपने बिज़नेस पर कस्टमर का भरोसा भी पाएंगे यह आपके ऑर्गेनिक विजिटर बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम है। 

ई-बुक्स और व्हाइटपेपर

ई-बुक्स और व्हाइटपेपर के माध्यम से आप अपने विजिटर को जानकारी विस्तृत में दे सकते हैं। यह आपकी बिकरी को बढ़ाने का एक कारगर तरीका है। 

इन्फोग्राफिक्स

इन्फोग्राफिक्स का मतलब है, आप अपने कंटेंट को कस्टमर को दिखा कर समझाना। 

कंटेंट को समझाने यह सबसे कारगर तरीका माना जाता है।

सोशल मीडिया मार्केटिंग


आज के समय में ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, इसीलिए सोशल मीडिया मार्केटिंग आपके बिज़नेस की अवेयरनेस बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। 

और यकीन मानिये, सोशल मीडिया आपके बिज़नेस की ब्रांड वैल्यू क्रिएट करने का सबसे बेस्ट तरीका है। 

मार्केटिंग के लिए आप इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  1. फेसबुक
  2. ट्विटर
  3. लिंक्डइन
  4. इंस्टाग्राम
  5. स्नैपचैट 
  6. पिनट्रस्ट 

अपने बिज़नेस को एक से अधिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रजिस्टर करना एक सही निर्णेय होगा, ऐसा करने के लिए आपको सोशल मीडिया मैनेज टूल्स का इस्तेमाल करना होगा।

कुछ बेस्ट सोशल मीडिया टूल्स इस प्रकार हैं:-

पे-पर-क्लिक (PPC)


पे-पर-क्लिक मार्केटिंग का एक तरीका है। इसमें आप ऐड नेटवर्क के द्वारा पेड ऐड चलाते हैं। 

आपको इसमें ऐड नेटवर्क को प्रति क्लिक के ही रूपए देने होते हैं। 

PPC के सबसे सामान्य उदाहरण में से एक गूगल एड्स है, इसमें आपसे गूगल सर्च पर शीर्ष पर रखने के लिए रूपए लिए जाते हैं। 

पे-पर-क्लिक मार्केटिंग पर काम करने वाले कुछ और भी एड्स नेटवर्क हैं, जैसे की :-

फेसबुक एड्स: फेसबुक एड्स एक बहुत ही अच्छा ऐड नेटवर्क है यहां पर आप फोटो, वीडियो, और स्लाइडशो के माध्यम से अपने कस्टमर तक पहुंचते हैं। 

फेसबुक आपके पेड ऐड को, आपकी टारगेट ऑडियंस या कस्टमर के न्यूज़फ़ीड में प्रकाशित करता है। 

ट्विटर एड्स: ट्विटर पर आप अपनी टारगेट ऑडियंस के न्यूज़ फ़ीड पर अपने बिज़नेस को पे-पर-क्लिक के द्वारा प्रमोट कर सकते हो 

इसके द्वारा आप अपना बिज़नेस तेज़ी से बढ़ा सकते हैं। ट्विटर एड्स पर वेबसाइट ट्रैफ़िक, अधिक ट्विटर फोल्लोवेर्स , ट्वीट एन्गेजमेन्ट, या यहां तक कि ऐप डाउनलोड भी हो सकता है।

लिंक्डइन मैसेज: लिंक्डइन बिज़नेस से बिज़नेस उद्योग के प्रचार के लिए सबसे अच्छा प्लेटफार्म है।

यहां पर आप अपनी टारगेट ऑडियंस से डायरेक्ट मैसेज के द्वारा जुड़ सकते हैं।  

एफिलिएट मार्केटिंग


एफिलिएट मार्केटिंग में आप किसी और के प्रोडक्ट या सर्विस के लिए लीड जेनरेट करते हो। जिसमें आपको प्रति सेल्स का कुछ कमीशन प्राप्त होता है।

इससे आप बहुत अच्छा पैसा कमा सकते हो भस आपको एफिलिएट मार्केटिंग को बारीकी से समझना होगा – जो आप यहां से सीख सकते हो। 

ईमेल मार्केटिंग


ईमेल मार्केटिंग से सबसे ज्यादा लीडस् जेनरेट होती हैं। क्योंकि इसमें कंपनी अपने कस्टमर से सीधे संवाद करती है। 

इसका इस्तेमाल लीडस् जेनरेट, वेबसाइट ट्रैफिक,बिज़नेस की र्केटिंग आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

ईमेल मार्केटिंग का सबसे बड़ा चैलेंज ईमेल लिस्ट बनाना है, जिसे आप कुछ इस प्रकार से बना सकते हैं।

  • सब्सक्रिप्शन न्यूज़ लेटर के द्वारा 
  • अपने आर्टिकल के साथ फ्री में ई-बुक या ऑडियो बुक देकर

स्पोंसरड कंटेंट


स्पोंसरड कंटेंट में मार्केटिंग करने के लिए आप किसी और को रूपए देते हैं।

वह आपकी कंपनी को परमोट करने और सेल जनरेट करने के लिए कंटेंट पब्लिश करते हैं। 

इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग स्पोंसरड कंटेंट मार्केटिंग का सबसे प्रशिद उद्धारण है। 

Digital marketing क्या काम करते है?

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है, डिजिटल मार्केटर वो होते हैं जो डिजिटल चैनलों के माध्यम से मार्केटिंग करते हैं।

डिजिटल मार्केटर डिजिटल मार्केटिंग करने के लिए  मुफ्त (स्रर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) और पेड (गूगल एड्स), दोनों का ही इस्तेमाल करते हैं।

एक अच्छे डिजिटल मार्केटिंग बिज़नेस को सभी डिजिटल चैनलों के लिए अलग रणनीति अपनानी होती है इस आर्टिकल में दिए गए टूल्स और जानकारी की मदद से कंपनी ही नहीं, बल्कि एक आदमी भी सभी डिजिटल चैनलों का इस्तेमाल कर सकता है। 

क्या Digital marketing सभी व्यवसायों के लिए काम करती है?

अगर हम इस सवाल का जवाब एक लाइन में दें तो, हाँ डिजिटल मार्केटिंग सभी व्यवसायों के लिए काम करती है। 

आज के समय में यदि आप किसी भी बिज़नेस को बड़ा करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग का उपयोग कर सकते हो। 

इससे न ही केवल आपका पैसा और समय बचेगा बल्कि, आपके पास अनलिमिटेड ग्रोथ अपॉर्चुनिटी भी होगी। 

हालाँकि, डिजिटल मार्केटिंग सभी बिज़नेस में एक समान काम नहीं करती आपको हर तरह के बिज़नेस के लिए अलग से डिजिटल मार्केटिंग प्लान बनाना होगा,. जैसे की 

B2B बिज़नेस के लिए Digital marketing

यदि आपकी कंपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेक्टर में आती है, तो आपके डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा ऑनलाइन लीड जनरेशन पर फोकस करना होगा। 

आपको अपने डिजिटल मार्केटिंग चैनलों के द्वारा अपनी टारगेट कस्टमर के सामने अपनी ब्रांड वैल्यू बनानी होगी। 

साथ ही आपके इन्डेरिक्ट कंटेंट में ये भी सामिल होना चाहिए की आपके कस्टमर का आपके प्रोडक्ट से क्या लाभ है।

इससे आपका टारगेट कस्टमर खुद ही आपकी कंपनी को कांटेक्ट करेगा। 

B2C Business के लिए Digital marketing

अब अगर आपकी कंपनी बिजनेस-टू-कस्टमर सेक्टर में शामिल है, तो आपको कस्टमर जरनी को आसान बनाना होगा। 

कस्टमर जरनी का मतलब होता है, कस्टमर के सेल्स पेज पर आने से लेकर आपका प्रोडक्ट या सर्विस खरीदने तक का सफर।

आपका जो सेल्स पेज का कंटेंट है, वो आपके प्रोडक्ट की वैल्यू को जस्टिफाई करता हो।

यानि की, यदि कस्टमर आपको एक अमाउंट पैसे दे रहा है। तो आपके सेल्स पेज में ये होना चाहिए, की आप उस पैसे से ज्यादा वैल्यू उस कस्टमर को कैसे दे रहे हो।

यह भी पढ़ें:- 

 

laptop se paise kaise kamaye ? लैपटॉप से पैसे कैसे कमायें?

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laptop se paise kaise kamaye
laptop se paise kaise kamaye ? लैपटॉप से पैसे कैसे कमायें?

laptop se paise kaise kamaye , आज के इस टेक्नोलॉजी के समय में laptop क्या computer होना आम बात है पर ज्यादातर लोग उसका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं

आज पूरी दुनिया को इंटरनेट ने बांदा हुआ है आप सिर्फ अपने लैपटॉप कंप्यूटर या मोबाइल से दुनिया के किसी भी कोने की जानकारी ले सकते हो जिसके कारण आज कई काम ऐसे हैं जो बिना लैपटॉप या कंप्यूटर के संभव ही नहीं है

आपको अब यह सुनकर आश्चर्य नहीं होगा कि आज के समय में आप अपने लैपटॉप से कमाई भी कर सकते हैं ऐसे कई सारे काम है जो आप घर बैठे अपने कंप्यूटर या लैपटॉप की मदद से कर सकते हैं 

मैं आज आपको ऐसे ही कुछ तरीके बताने वाला हूं जिसे जानने के बाद आप भी आसानी से अपने लैपटॉप की मदद से ऑनलाइन पैसा कमा सकते हैं

ब्लॉगिंग से पैसे कमाए ? make money through blogging ?

यदि आपको किसी विषय की अच्छी जानकारी है तो आप लोगों को वह जानकारी ब्लॉक के द्वारा दे सकते हैं इसके लिए आपको शुरुआत में थोड़ा मेहनत करनी होगी  एक ब्लॉग बनाना होगा 

ब्लॉक बनाने के बाद आपको उस पर लगातार अपने विषय के बारे में लिखना होगा और उसके बाद आपको उससे मनी मेकिंग ब्लॉक बनाना होगा यानी कि ऐसा ब्लॉक जिससे आपके पास पैसे आए 

ऑनलाइन लिखकर पैसे कमाए ? become a freelance writer ?

अगर आपको लिखना पसंद है तो आप दूसरों के लिए ऑनलाइन लिख सकते हो। आज के समय में आप दूसरी वेबसाइट के लिए कंटेंट लिख सकते हो और बिना किसी पैसे के घर बैठे एक अच्छी इनकम कर सकते हो। 

यदि आपके पास ब्लॉग बनाने के लिए पैसे नहीं है तो आप कांटेक्ट राइटिंग से स्टार्ट कर सकते हैं। आज ऑनलाइन कई ऐसी वेबसाइट है जहां पर आपको बिना किसी इन्वेस्टमेंट के रजिस्टर करना है जिसके बाद आपको राइटिंग प्रोजेक्ट मिलने शुरू हो जाएंगे और यदि आपने अच्छा कांटेक्ट लिख कर दिया तो आपको बल्क में आर्डर लिखने का ऑर्डर जरूर मिलेगा क्योंकि आज वेबसाइट और ब्लॉक को रोज नए कॉन्टेंट की जरूरत होती है इससे आप बहुत अच्छा रेवेन्यू जनरेट कर सकते हैं। 

यह कुछ ऐसी वेबसाइट है जिन पर आप फ्री में रजिस्टर करके ऑनलाइन लर्निंग शुरू कर सकते हैं :-

  1. Fiverr 
  2. Upwork
  3. Freelancer.com 
  4. Envato Studio 
  5. PeoplePerHour 
  6. Toptal 
  7. Guru.com
  8. DesignCrowd 
  9. Nexxt 
  10. DesignC

ऊपर दी गई 10 वेबसाइट में अगर आप किसी एक वेबसाइट पर रजिस्टर करेंगे तो आपको काम मिलने में समय लग सकता है इसीलिए आप सभी वेबसाइट पर रजिस्टर करें जिससे आपको कहीं से भी काम मिल सकता है

एफिलिएट मार्केटिंग से कमाए ऑनलाइन इनकम ? laptop se paise kaise kamaye ?

आज के समय में एफिलिएट मार्केटिंग बहुत ही पॉपुलर तरीका है एथलीट मार्केटिंग में आप ऑनलाइन प्रोडक्ट या सर्विस को बेचते हैं जिसके लिए आपको आपको बहुत अच्छा कमीशन मिलता है 

एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए आपके पास कोई साधन होना चाहिए जिस पर आप ऑनलाइन प्रोडक्ट या सर्विसेस को बेच सकते हैं  जैसे कि वेबसाइट ब्लॉग यूट्यूब चैनल  या सोशल मीडिया जैसे फेसबुक व्हाट्सएप .

यहां इस लिंक से आप सीख सकते हैं – Affiliate Marketing से पैसे कैसे कमाए ? 

इमेज को ऑनलाइन बेचकर करें कमाई ? Earn money by selling the image online ?

गूगल के ऊपर कोई भी वेबसाइट किसी और की इमेज को इस्तेमाल नहीं कर सकती ऐसा करने पर वेबसाइट पर कॉपीराइट आ जाता है जिसके कारण वेबसाइट गूगल पर रैंक नहीं हो पाती इसीलिए सभी ब्लॉगर  नई फोटो खरीदना पसंद करते हैं

आज के समय में हर किसी के पास स्मार्ट फोन या कैमरा होता है आप अपने स्मार्ट फोन से अच्छी फोटो खींचते हैं तो आप उन्हें ऑनलाइन बेचकर अच्छे पैसे कमा सकते हैं

हर इंसान का काम करने का तरीका अलग होता है और हर इंसान हर काम नहीं कर सकता इसीलिए आपको अपने आपको देखना चाहिए कि आप बाहर जाकर काम कर सकते हैं या फिर घर बैठे अपने मोबाइल या लैपटॉप से पैसे कमा सकते हैं यदि आप अपने अनुकूल काम करते हैं तो आप के लिए सफलता का रास्ता आसान हो जाता है

Intraday Trading क्या होती है? Intraday Trading कैसे शुरू करे?

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Intraday Trading
Intraday Trading क्या होती है?

सरल भाषा में Intraday Trading का मतलब होता है एक ही दिन में स्टॉक खरीदना और बेचना।

इंट्राडे ट्रेडिंग, में कंपनी के शेयर को निवेश करने के लिए नहीं खरीदा जाता, बल्कि कंपनी के दाम में हो रहे उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रकार शेयर की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव पर निगरानी रखें इंट्राडे ट्रेडिंग में मुनाफा कमाया जाता है। 

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग खाता खोला जाता है। ट्रेडिंग करते समय, आपको यह निर्दिष्ट करने की आवश्यकता है, कि ऑर्डर इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए विशिष्ट हैं।

यह भी पढ़ें – Initial Public Offering (IPO) क्या है? 

Intraday Trading कैसे शुरू करें। 

इंट्राडे ट्रेडिंग शेयर बाजार में निवेश करने की तुलना में जोखिम भरा है।नुकसान से बचने के लिए विशेष रूप से शुरुआती लोगों के लिए व्यापार की मूल बातें समझना महत्वपूर्ण है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में केवल उन्हीं राशि का निवेश करें, जिन्हें वे वित्तीय कठिनाइयों का सामना किए बिना खो सकते हैं। कुछ इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स आपको ट्रेडिंग की कला सीखने में मदद करेंगे।

  • बाजार खुलने पर पहले 1 घंटे में इंट्राडे ट्रेडिंग करने से बचें दिन के समय इंट्राडे ट्रेडिंग में व्यापार करने से मुनाफा कमाने की संभावना बढ़ जाती है
  • सबसे महत्वपूर्ण इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स में से एक, अपनी स्थिति पर संभावित नुकसान को कम करने के लिए स्टॉप लॉस ट्रिगर का उपयोग करना है।इसके अलावा, एक बार जब स्टॉक लक्ष्य की कीमत हासिल कर लेता है, तो अपनी स्थिति को बंद करना। 
  • यदि स्थिति अनुकूल नहीं हैं, तो स्टॉप-लॉस ट्रिगर का इंतजार किए बिना तुरंत बाहर निकलना है। इससे अपने नुकसान को कम करने में मदद मिलती है।
  • शुरुआत में छोटी रकम का निवेश करना है। रकम कितनी छोटी होनी चाहिए की आपको वित्तीय कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े। 

Intraday Trading के लिए स्टॉक कैसे चुनें

इंट्राडे ट्रेडिंग में सफल होने के लिए, यह जानना महत्वपूर्ण है, कि इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुना जाए। अक्सर लोग मुनाफा कमाने में असमर्थ होते हैं क्योंकि वे दिन के दौरान व्यापार करने के लिए उपयुक्त शेयरों का चयन करने में विफल होते हैं। प्रॉफ़िट बुक करने के लिए सही स्टॉक चुनना एक कला है जिसे आप अनुभव के साथ सीखेंगे।

  • लिक्विड स्टॉक में भारी मात्रा में ट्रेडिंग वॉल्यूम होते हैं, जिससे कीमत को प्रभावित किए बिना बड़ी मात्रा में खरीदा और बेचा जा सकता है।
  • कभी-कभी, बड़ी खबर की घोषणा के बाद शेयर अस्थिरता दिखा सकता है। व्यापारियों को ऐसे शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग से बचना चाहिए।
  • सबसे महत्वपूर्ण इंट्राडे ट्रेडिंग टिप्स में से एक यह याद रखना है कि ट्रेंड के साथ चलना हमेशा फायदेमंद होता है।
  • कुछ शेयर टॉप गेनर में आते हैं, जबकि अन्य टॉप लूजर के अंतर्गत आते हैं। इस तरह के शेयर काफी अच्छी चाल प्रदान कर सकते हैं। ट्रेडिंग शुरू करने के लिए इन पर कड़ी नजर रखें।

टाइम एनालिसिस

जब इंट्राडे ट्रेडिंग की बात आती है, तो दैनिक चार्ट सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले चार्ट होते हैं। जो एक दिन के अंतराल पर मूल्य में हो रहे उतार-चढ़ाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये चार्ट एक लोकप्रिय इंट्राडे ट्रेडिंग तकनीक हैं और दैनिक ट्रेडिंग सत्र के खुलने और बंद होने के बीच कीमतों की गति का वर्णन करने में मदद करते हैं।

IPO क्या है?

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ipo
ipo kya hai in hindi

IPO क्या है? क्या आप IPO के बारे में संक्षिप्त में जानना चाहते हैं?

चलिए हम आपको बताते हैं की IPO क्या है? और IPO में इन्वेस्टमेंट कैसे की जाती है?

IPO की full form क्या है?

IPO – Initial Public Offering को कहा जाता है। 

Initial Public Offering (IPO) क्या है?

Initial Public Offering (IPO) एक company के shares को नए स्टॉक जारी करके जनता को देने की प्रक्रिया को कहते हैं। 

कंपनी Initial Public Offering के द्वारा सार्वजनिक निवेशकों से पूंजी जुटाती है। 

Initial Public Offering के द्वारा एक प्राइवेट कंपनी सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तित हो जाती है। प्राइवेट से सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तन कंपनी के लिए लाभदायक होता है, क्योंकि इससे कंपनी को विस्तार करने के लिए पर्याप्त पूंजी मिल जाती है।

Initial Public Offering (IPO) कैसे काम करता है?

Initial Public Offering (IPO) से पहले एक कंपनी नीची मानी जाती है एक निजी कंपनी में कंपनी में शेयर धारकों की संख्या कम होती है। जिसमे संस्थापक, परिवार और निवेशक जैसे कि वेंचर कैपिटलिस्ट और एंजल ब्रोकर आदि शामिल है।

जब कोई कंपनी अपनी विकास प्रक्रिया में एक स्तर पर पहुंच जाती है, जहां यह विश्वास कर सकते हैं कि यह अब सार्वजनिक शेयरधारकों को लाभ देने और जिम्मेदारियों के लिए पर्याप्त परिपक्व है, तो यह सार्वजनिक होने में अपनी रुचि का विज्ञापन करना शुरू कर देती है।

विकास का यह चरण तब होता है जब कोई कंपनी पूरे तीन साल तक प्रत्येक साल में न्यूनतम रु1 करोड़ का नेट वॉर्थ हाशिल करे। 

एक Initial Public Offering (IPO) एक कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि यह कंपनी को बहुत सारा पैसा जुटाने की सुविधा प्रदान करता है। इससे कंपनी को विकसित होने और विस्तार करने की अधिक क्षमता मिलती है।

Initial Public Offering (IPO) दाखिल करने के लिए क्या आवश्यकताएँ हैं?

Profitability Route of SEBI 

  • पिछले तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष न्यूनतम रु1 करोड़ रुपए की नेट वॉर्थ।
  • न्यूनतम शुद्ध मूर्त संपत्ति, कम से कम 3 करोड़ रुपये, जिनमें से 50% से अधिक मौद्रिक परिसंपत्तियों में आयोजित नहीं हैं, पूर्ववर्ती तीन वर्षों में।
  • पांच पूर्ववर्ती वर्षों में से कम से कम तीन में औसत परिचालन लाभ (कर से पहले) के रूप में न्यूनतम 15 करोड़ रुपये।
  • जब एक सूचीबद्ध कंपनी शेयरों के सार्वजनिक प्रस्ताव (FPO) के लिए जाती है, तो यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इश्यू का आकार पूर्व-अंक से पांच गुना से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • इसके अलावा, FPO के मामले में, यदि कंपनी अपना नाम बदलती है, तो एक वर्ष से पहले के राजस्व का न्यूनतम 50% नए नाम से दी गई गतिविधि से होना चाहिए।

QIB Route

उन सभी कंपनियों के लिए जिन्हें वास्तव में बड़े पूंजी आधार की आवश्यकता है, लेकिन ऊपर दिए गए किसी भी नियम को पूरा करने में विफल हैं, सेबी ने एक विकल्प पेश किया है। यह मार्ग कंपनियों को पुस्तक निर्माण प्रक्रिया के माध्यम से जनहित तक पहुँचने में सक्षम बनाता है। जनता को इस शुद्ध प्रस्ताव का 75% Qualified Institutional Buyers (QIB) को अनिवार्य रूप से आवंटित किया जाना है। यदि QIB की न्यूनतम सदस्यता हासिल नहीं की जाती है, तो कंपनी सदस्यता शुल्क वापस कर देगी।

ICDR सामान्य नियम:

  1. जारीकर्ता कंपनी के नियंत्रण में प्रवर्तकों, निदेशकों या किसी अन्य व्यक्ति को पूंजी बाजार तक पहुंचने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए था।
  2. कंपनी के साथियों, जैसे कि प्रमोटर, निर्देशक आदि को किसी अन्य कंपनियों में समान भूमिका नहीं निभानी चाहिए।
  3. सभी आंशिक रूप से भुगतान किए गए इक्विटी शेयरों को पूरी तरह से भुगतान किया जाना चाहिए।
  4. जारी करने वाली कंपनी को निर्दिष्ट प्रतिभूतियों के डीमैटरियलाइजेशन के लिए डिपॉजिटरी के साथ समझौता करना होता है।
  5. जारीकर्ता को शेयरों की लिस्टिंग के लिए मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों में आवेदन करना होता है।
  6. प्रत्येक सूचीबद्ध कंपनी को न्यूनतम 25% की सार्वजनिक शेयरधारिता को बनाए रखना चाहिए और यदि यह किसी भी समय उस प्रतिशत से नीचे आता है, तो यह एक वर्ष के भीतर 25% तक की शेयरधारिता लाएगा।
  7. नए मुद्दे के लिए लगाई गई राशि को छोड़कर, कंपनी को अन्य सभी वित्तीय आवश्यकताओं के लिए सत्यापन योग्य स्रोतों से वित्त की व्यवस्था करनी होगी।

Initial Public Offering (IPO) में निवेश करने से पहले महत्वपूर्ण जानकारी 

  • समय प्रबंधन: समय सब कुछ है, Initial Public Offering (IPO) की घोषणा होने की तारीखों पर नजर रखो और समय पर सभी कागजी कार्रवाई को पूरा करने में सक्षम होने के लिए अपने सभी दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
  • वित्तीय प्रदर्शन और मूल्यांकन: संख्याओं को देखें, अपने साथियों के साथ कंपनी के मूल्यांकन की तुलना करें और वित्तीय अनुपात देखें। क्योंकि शेयर देने वाली कोई भी कंपनी सार्वजनिक निवेशकों को पूंजी वापस देने के लिए ऋणी नहीं होती है।
  • हमेशा अनुसंधान का संचालन करें और यदि फिर भी कोई परेशानी हो तो आप, एक वित्तीय सलाहकार से संपर्क कर सकते हैं। 

Initial Public Offering (IPO) के लिए आवेदन कैसे करें

एक समझने की जरूरत है कि Initial Public Offering (IPO) दो फ्लेवर, फिक्स्ड प्राइस और बुक बिल्ड में आते हैं। निश्चित मूल्य में, शेयर की राशि के बराबर मूल्य और इसके साथ संलग्न प्रीमियम के रूप में अग्रिम मूल्य तय किया जाता है। निवेशकों को केवल उस मूल्य पर आवेदन करने की अनुमति दी जाएगी, जहां मूल्य सीमा के रूप में इंगित किया गया है और बाद में पुस्तक निर्माण प्रक्रिया के माध्यम से, पुस्तक-निर्मित मूल्य में एक अंतिम मूल्य आ गया है।

यदि कोई Initial Public Offering (IPO) के लिए आवेदन करने की ऑफ़लाइन विधि से संपर्क करना चाहता है, तो किसी को ब्रोकरेज फर्म या बैंकर के माध्यम से अधिग्रहित भौतिक को भरने की जरूरत है जो Initial Public Offering (IPO) की पेशकश करता है।

ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से Initial Public Offering (IPO) के लिए आवेदन करने में देरी की प्रवृत्ति बढ़ी है। इससे ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के साथ हस्तक्षेप करने का एक बेहतर लाभ होता है और प्रक्रिया के अनुसार आवंटित होने के बाद अधिकांश जानकारी और दस्तावेजों को साझा करने की आवश्यकता कम हो जाती है और शेयर डीमैट खाते में रह सकते हैं। स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने तक और उसके बाद शेयर का व्यापार करने के लिए निवेशक को बस इंतजार करना होगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक demat account IPO के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक है और इसे आधार या पैन कार्ड जैसे सरकारी अधिकृत पहचान प्रमाण प्रस्तुत करके प्राप्त किया जा सकता है।

mushroom farming businesss – mushroom ki kheti kaise kare

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mushroom farming
mushroom ki kheti kaise kare

mushroom farming, सबसे लाभदायक agriculture business में से एक है। खास बात तो यह है, की इसके लिए आपको अधिक पूंजी की आवश्यकता नहीं होती। इसे आप कम पूंजी के साथ छोटी सी जगह से भी शुरू कर सकते हैं।

भारत में भी mushroom farming बहुत तेजी से विकसित हो रही है। आज के समय में चीन, इटली,यूएस, और नीदरलैंड मशरूम की खेती में शीर्ष पर हैं।

भारत में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में व्यावसायिक मशरूम की खेती की जा रही है। उत्तर प्रदेश भारत का प्रमुख मशरूम उत्पादक राज्य है।

मशरूम की न्यूट्रिशन वैल्यू

मशरूम में फल और सब्जी की तुलना में बहुत अधिक प्रोटीन पाया जाता है और, मशरूम कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

प्रोटीन के अलावा, मशरूम में कुछ विटामिन जैसे बी, सी, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, थियामिन निकोटिनिक एसिड भी पाए जाते हैं।

मशरूम फोलिक एसिड के साथ-साथ आयरन और पोटेशियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो रक्त को बेहतर बनाने और कमियों से बचने के लिए जाना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा एक स्वास्थ्य भोजन के रूप में मशरूम को भी रखा गया है।

भारत में mushroom farming

भारत में, एक सीमांत किसान और छोटी विनिर्माण इकाइयाँ पचास प्रतिशत मशरूम और शेष मशरूम का उत्पादन औद्योगिक संस्थानों द्वारा किया जाता है।

भारत में दो प्रकार के मशरूम उत्पादक हैं, मौसमी किसान छोटे पैमाने पर उत्पादन करते हैं।

जबकि वाणिज्यिक मशरूम फ्रैमर जो उत्पादन लेता है, बड़े पैमाने पर पूरे साल जारी रहता है।

ज्यादातर दोनों आपके घरेलू बाजार और निर्यात के लिए सफेद बटन मशरूम विकसित करते हैं।

मौसमी बटन मशरूम उत्पादक हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर जैसे समशीतोष्ण क्षेत्रों, उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों, तमिलनाडु और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों के पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित हैं जहां किसान एक वर्ष में 2-3 बटन मशरूम के पौधे लेते हैं।

वाणिज्यिक मशरूम की खेती के लिए, इमारत के बुनियादी ढांचे, मशीनरी और उपकरणों की खरीद, कच्चे माल, श्रम और ऊर्जा पर भारी खर्च की आवश्यकता होती है।

मशरूम उत्पादक के लिए व्यावहारिक रूप से उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना बहुत महत्वपूर्ण है।

भारत में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संगठन संगठन प्रदान करते हैं, मशरूम की खेती का प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। हालांकि, NRCM अग्रणी संस्थान है जो प्रशिक्षण प्रदान करता है।

इसके अलावा, हमारी भारत सरकार मशरूम की खेती को बढ़ावा देती है, इसलिए वे राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, APEDA जैसी एक अलग योजना के तहत सब्सिडी देते हैं

मशरूम की खेती के निर्णय को शुरू करने से पहले व्यावसायिक मशरूम उत्पादन व्यवसाय में सफल होने के लिए कारकों पर विचार करना होगा:

  • मशरूम खेत सफल भागीदारी और निगरानी के उद्देश्य के लिए किसान के घर के करीब होना चाहिए
  • खेत में बहुत सारे पानी की उपलब्धता
  • क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चे माल की आसान पहुंच
  • अधिक सस्ती कीमतों पर श्रम की सरल पहुंच।
  • प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बिजली की उपलब्धता, क्योंकि मशरूम की खेती में बिजली एक महत्वपूर्ण इनपुट है। 
  • खेत में भविष्य के विकास के लिए प्रावधान होना चाहिए।

mushroom farming के प्रकार

बटन मशरूम, आयस्टर मशरूम और मिल्की मशरूम भारत में खेती के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तीन प्रमुख प्रकार हैं। मिल्की मशरूम 25- 35  डिग्री सेल्यियस तापमान में उगाए जाते हैं। दूसरी ओर आयस्टर मशरूम 16 – 24 डिग्री सेल्यियस तापमान में उगाए जाते हैं। जबकि सर्दियों के मौसम में बटन मशरूम उगते हैं। बटन मशरूम 14 – 16 डिग्री पर उग जाते हैं । वाणिज्यिक महत्व के इन सभी मशरूम को विभिन्न तरीकों और तकनीकों द्वारा उगाया जाता है। मशरूम को विशेष कम्पोस्ट बैग में उगाया जाता है। 

बटन mushroom farming की जाती है 

step 1 : कंपोस्ट बनाना

मशरूम उगाने का पहला step कंपोस्ट बनाना है, जो खुले में किया जाता है। बटन मशरूम की खेती के लिए कम्पोस्ट यार्ड को कंक्रीट से बने स्वच्छ,  प्लेटफार्मों पर तैयार किया जाता है। यार्ड को एक तरफ से हल्की ढलान दी जाती है ताकि अतिरिक्त पानी एकत्र न हो। कंपोस्ट खुले में बनाया जाता है, लेकिन उसे बारिश के पानी से बचाने के लिए कवर किया जाता है। तैयार की गई कंपोस्ट 2 प्रकार की होती है – प्राकृतिक और सिंथेटिक कंपोस्ट। कंपोस्ट 100 X 50 X 15 सेमी के खाचों में बनाया जाता है।

सिंथेटिक कंपोस्ट

सिंथेटिक कंपोस्ट में गेहूं का भूसा, चोकर, यूरिया, कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट / अमोनियम सल्फेट और जिप्सम का उपयोग किया जाता है। भूसे की लंबाई 8 से 20 सेमी तक की होनी चाहिए। भूसे को कंपोस्ट यार्ड पर एक पतली परत बनाने के लिए समान रूप से फैलाया जाता है। इसके बाद इसे पानी छिड़क कर अच्छी तरह से भिगोया जाता है। अगला कदम यूरिया, चोकर, जिप्सम, कैल्शियम नाइट्रेट जैसे अन्य सभी सामग्रियों को गीले भूसे के साथ मिश्रित करना और उसका ढेर लगाना है।

प्राकृतिक कंपोस्ट

प्राकृतिक कंपोस्ट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री घोड़े के गोबर, पोल्ट्री खाद, गेहूं के भूसे और जिप्सम हैं। गेहूं का भूसा को बारीक कटा हुआ होना चाहिए। घोड़े के गोबर को अन्य जानवरों के साथ नहीं मिलाना चाहिए। यह बारिश के संपर्क में नहीं आना चाहिए। सामग्री मिश्रित होने के बाद, उसे समान रूप से कंपोस्ट यार्ड पर फैलाना हैं। भूसे को गीला करने के लिए सतह पर पानी का छिड़काव किया जाता है। कंपोस्ट बनाने के लिए ढेर में बदला जाता है। किण्वन के कारण, ढेर का तापमान बढ़ जाता है और यह अमोनिया बनाने के कारण एक गंध देता है। यह एक संकेत है कि कंपोस्ट को खोलना है। ढेर को हर तीन दिनों में तोड़कर दोबारा बनाया जाता है और साथ ही पानी भी छिड़का जाता है।

step 2 : ट्रे में कम्पोस्ट भरना

तैयार खाद का रंग गहरा भूरा होता है। जब आप खाद को ट्रे में भरते हैं, तो यह न तो बहुत गीला होना चाहिए और न ही बहुत सूखा होना चाहिए। यदि खाद सूखी है तो पानी की कुछ बूंदों का छिड़काव करें। यदि बहुत अधिक नम है, तो कुछ पानी को वाष्पित होने दें। खाद फैलाने के लिए ट्रे का आकार आपकी सुविधा के अनुसार हो सकता है। लेकिन, यह 15 से 18 सेमी गहरा होना चाहिए। यह भी सुनिश्चित करें कि ट्रे नरम लकड़ी से बनी हो। ट्रे को किनारे पर खाद से भरा जाना चाहिए और सतह पर से समतल होनी चाहिए।

step 3 : स्पॉनिंग 

स्पॉनिंग मूल रूप से मशरूम मायसेलियम (मशरुम के बीज) को कम्पोस्ट में बोने की प्रक्रिया है। मशरूम मायसेलियम नाममात्र मूल्य पर प्रमाणित राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं से प्राप्त किया जा सकता है। स्पॉनिंग को 2 तरीकों से किया जा सकता है – ट्रे में कम्पोस्ट की सतह पर खाद को बिखेर कर या फिर ट्रे को भरने से पहले अनाज के स्पॉन को खाद के साथ मिला कर। स्पानिंग के बाद ट्रे को पुराने अखबारों के साथ कवर करें। फिर नमी और नमी बनाए रखने के लिए शीट को थोड़े पानी के साथ छिड़का जाता है। शीर्ष ट्रे और छत के बीच कम से कम 1 मीटर का हेड स्पेस होना चाहिए।

step 4 : कैसिंग

कैसिंग मिट्टी को बारीक कुचल कर और छलनी से छान कर, सड़ी हुई गाय के गोबर को मिट्टी के साथ मिलाकर बनाया जाता है। कैसिंग मिट्टी का पीएच एल्कलाइन होना चाहिए। तैयार होने के बाद, कीटों को मारने के लिए कैसिंग मिट्टी को स्टेरिलीज़ करना पड़ता है। स्टेरिलीज़ को फॉर्मलीन के सॉल्यूशन के साथ करके या भाप से किया जा सकता है। खाद पर मिट्टी फैलने के बाद तापमान 25⁰C पर 72 घंटों के लिए बनाए रखा जाता है और फिर 18⁰C तक घटाया जाता है। याद रखें कि कैसिंग के लिए बहुत ताज़ी हवा की आवश्यकता होती है। इसलिए कमरे में कैसिंग के दौरान पर्याप्त वेंटिलेशन की सुविधा होनी चाहिए।

step 5 : क्रॉपिंग

कैसिंग के 15 से 20 दिनों के बाद, पिनहेड ध्यान देने योग्य होने लगते हैं। इस चरण के 5 से 6 दिनों के भीतर सफेद रंग के, छोटे आकार के बटन विकसित होने लगते हैं। मशरूम जब कटाई के लिए तैयार होते हैं, तो कैप छोटे तने पर कस जाता है।

step 6 : हार्वेस्टिंग

कटाई के दौरान, टोपी को धीरे से बंद घुमाना चाहिए। इसके लिए, आपको इसे अंगूठे के बगल वाली पहली अंगुली के द्वारा धीरे से पकड़ने की जरूरत है, मिट्टी के खिलाफ दबाकर धीरे से थोड़े।

डंठल का आधार जिसमें माइसेलियल थ्रेड्स और मिट्टी के कण चिपके हुए हैं, उसे काट देना चाहिए।

यह भी पढ़ें – मुर्गी फार्म कैसे शुरू करें

ऑयस्टर mushroom farming  कैसे की जाती है

ऑयस्टर मशरूम वहां उगाया जाता है, जहां बटन मशरूम के लिए जलवायु की स्थिति अच्छी नहीं है। ऑयस्टर मशरूम उगाने में सबसे सरल है और खाने में सबसे स्वादिष्ट है। फैट की मात्रा बहुत कम होने के कारण यह आमतौर पर मोटापे को नियंत्रित करने और मधुमेह, और रक्तचाप से पीड़ित रोगियों के लिए भी इस्तमाल किया जाता है।

ऑयस्टर मशरूम मध्यम तापमान पर बढ़ सकता है जो 16⁰C से लेकर – 25⁰C और हुमिडीटी 55-70 प्रतिशत, एक वर्ष में ऑयस्टर मशरूम 6 – 8 महीने की अवधि के लिए होता है। इसकी वृद्धि के लिए आवश्यक अतिरिक्त हुमिडीटी प्रदान करके गर्मी के मौसम में भी इसकी खेती की जा सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में ऑयस्टर मशरूम सबसे अच्छा मार्च या अप्रैल से सितंबर या अक्टूबर के दौरान होता है जबकि निचले क्षेत्रों में यह सितंबर या अक्टूबर से मार्च या अप्रैल तक होता है।

ऑयस्टर मशरूम की खेती के लिए प्रक्रिया को 4 steps में विभाजित किया जा सकता है:
स्पॉन की तैयारी
सबस्ट्रेट की तैयारी
स्पॉनिंग
फसल प्रबंधन

ऑयस्टर मशरूम की खेती कई कम्पोस्ट मटेरियल पर की जा सकती है। जो अधिक उपज के साथ सहसंबद्ध है।

इनमें धान, गेहूँ / रागी, मक्का, बाजरा और कपास के डंठल और पत्तियाँ, सिट्रोनेला पत्ता, गन्ना बैगस, जूट और कपास, चाय पत्ती, बेकार कागज और बटन मशरूम की सिंथेटिक खाद का इस्तेमाल होता है।

Domain Flipping : Buying and Selling Domains in hindi

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Domain Flipping

आज के समय में यदि आप बिजनेस करने की सोच रहे हो, तो online business शायद आपके लिए सबसे लाभदायक हो। online business करने के लिए आपके पास कई तरीके या ideas हैं। इन business में से Domain Flipping एक है, जिसके बारे में पूरी जानकारी हम आज आपको इस आर्टिकल में देने जा रहे हैं।

Domain Flipping business, के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। क्या आप इस business के बारे में जानने में रुचि रखते हैं? तो इस बारे में हम आपको, इस आर्टिकल में बता रहे हैं। इसीलिए इस आर्टिकल को आखिरी तक ध्यानपूर्वक पढ़िए।

Domain name क्या है?

एक Domain name website के नाम को कहते हैं। यह business की पहचान होती है, यानी कि online business को इसी नाम से जाना जाता है, इसीलिए Domain name को बिजनेस के नाम पर ही रखा जाता है। 

Domain Flipping business क्या है?

Domain Flipping को हम सरल भाषा में कहें तो Domain name को Buying and Selling करना। 

Domain Buying and Selling business काफी पहलुओं में property business के समान है। जहां आप कम दामों में डोमेन नेम Buy करते हैं और समय के साथ अधिक होने पर Sell कर देते हैं। 

अपना बजट बनाइए

चाहे वह Domain Buying and Selling business हो या कोई अन्य business, आपको इन्वेस्टमेंट की जरूरत तो पड़ती ही है।

आप ₹200 से लेकर 2 करोड रुपए से भी अधिक का Domain Buy कर सकते हैं, और उसे बहुत अच्छे दामों में बेच सकते हैं। GoDaddy की रिपोर्ट के अनुसार सबसे महंगा Domain name Cars.com $872 मिलियन में Sell हुआ था।

हम आपको सलाह देंगे कि आप कम से कम रुपए के साथ Domain Flipping व्यवसाय की शुरुआत करें। 

Domain name कैसे खरीदें?

Domain name खरीदना एक आसान सी प्रक्रिया है। लेकिन उसके लिए,आपको सही Domain name का चुनाव करना होगा। 

सही Domain name का चुनाव आप उसकी आवश्यकता का अनुमान लगाकर कर सकते हैं। इस उद्योग में                                                                                                                                                                                              का चुनाव करना सबसे महत्वपूर्ण कौशल है। 

इसीलिए आपको भी इस business को सफलतापूर्वक करने के लिए,  आवश्यक डोमेन का पता लगाने में सक्षम होना चाहिए। यह आप हाल ही में बिके डोमेन नेम का सर्वेक्षण करके कर सकते हो। 

चलिए आप जानते हैं कि डोमेन नेम कैसे खरीदें। आज इंटरनेट के ऊपर डोमेन नेम खरीदने वाली कई वेबसाइट मौजूद है। जैसे कि:

  1. Domain.com
  2. siteground (we are using) coupon code 
  3. Bluehost
  4. HostGator
  5. GoDaddy
  6. Namecheap
  7. DreamHost
  8. Shopify
  9. BuyDomains

डोमेन नेम खरीदते समय किन चीजों का ध्यान रखें

अब आपको यह तो पता है की डोमेन नेम कहां से लेना है लेकिन डोमेन नेम लेते समय इन चीजों का ध्यान रखना भी बहुत आवश्यक है – 

Pricing and Registration Period

डोमेन खरीदते समय आपको सबसे पहले उसका प्राइस देखना चाहिए कुछ कंपनियां आपको आकर्षित करने के लिए पहले वर्ष का प्राइस बहुत कम रखती है लेकिन पहला वर्ष खत्म होने के बाद प्राइस तीन से चार गुना बढ़ा दिया जाता है

अगर आप अपना डोमेन पहली बार ले रहे हैं तो आप कम से कम 1 साल के लिए डोमेन को लीजिए कुछ कंपनियां आपको 2 से 10 साल तक का डोमेन प्रोवाइड करते हैं जब मैं आपको बहुत कम प्राइस में 2 मिन मिल जाता है

डोमिन लेते समय ऑटो रिन्यूअल हमेशा ऑन रखें ताकि जब आपके डोमेन की वैद्यता समाप्त हो तो वह अपने आप रिन्यू हो जाए

Domain Expiration Policies

डोमेन नेम हमेशा एक सीमित अवधि के लिए रजिस्टर होता है और वैधता समाप्त होने के बाद आपको डोमेन नेम दोबारा से रिन्यू करवाना पड़ता है इसके लिए एक ऑप्शन तो यह है कि आप ऑटो रिन्यू हमेशा ऑन रखें ताकि जब भी आपका डोमेन नेम की वैधता समाप्त होती है तो वह अपने आप रिन्यू हो जाए यदि आपका डोमेन रिन्यू नहीं हुआ तो कोई और उस डोमेन को अपने नाम पर रजिस्टर कर सकता है

इसीलिए अगर आप ऑटो रिन्यूअल सुविधा का उपयोग करते हैं, तो अपने डोमेन रजिस्ट्रार की समाप्ति की नीति की जांच करना एक अच्छा विचार है। कुछ डोमेन रजिस्ट्रार समाप्ति के बाद भी एक अनुग्रह अवधि प्रदान करते हैं। यह अनुग्रह अवधि आपको अपने समय सीमा वाले डोमेन नाम को नवीनीकृत करने की अनुमति देती है।

Domain Transfers

डोमेन नेम कंपनी चुनते समय आपको यह भी देखना होगा यदि आप अपने डोमेन रजिस्टर कंपनी की सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है तो आप आसानी से अपना रजिस्टर डोमेन ट्रांसफर आसानी से कर सकें

कुछ डोमेन रजिस्टर कंपनियां यह सुविधा फ्री में उपलब्ध करवाती है परंतु आज ऐसी कई कंपनियां है जो इस सुविधा के लिए बहुत बड़ी रकम लेती हैं इसीलिए डोमेन खरीदने से पहले आप डोमेन प्राइवेसी पॉलिसी अच्छी तरह से पढ़ लीजिए 

Business budget in hindi – How to create budget

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Business budget in hindi
Business budget एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू की एक सटीक तस्वीर प्रदान करता है और जिसके कारण महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय लिए जाते हैं

एक business budget विशेष समय के अंतराल कंपनी के रेवेन्यू और खर्च का अनुमान लगाता है। 

 

व्यवसाय बजट क्या है? (What Is a Business Budget)

व्यवसाय बजट एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू की एक सटीक तस्वीर प्रदान करता है और जिसके कारण महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय लिए जाते हैं, जैसे कि मार्केटिंग में वृद्धि करना, खर्च में कटौती करना, कर्मचारियों को रखना, उपकरण खरीदना, और अन्य तरीकों से व्यवसाय में सुधार करना।

हमें व्यावसायिक बजट की आवश्यकता क्यों है? (why we need Business Budget)

यदि आपका एक व्यवसाय है तो, आपके व्यवसाय को बजट की आवश्यकता है।

एक बजट एक बिजनेस प्लैनिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और नया व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक है। यह आपके स्टार्ट-अप और ऑपरेशनल कॉस्ट को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

व्यवसाय बजट सिर्फ नए स्टार्टअप के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। बल्कि एक बार जब आपका व्यवसाय स्थापित हो जाता है, तो बजट बनाना एक नियमित कार्य बन जाता है जो सामान्य रूप से त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर होता है।

व्यवसाय बजट के द्वारा आप जान सकते हैं, कि आपका व्यवसाय कैसा प्रदर्शन कर रहा है। 

एक व्यापक बजट होने पर वित्तीय संस्थानों से व्यावसायिक ऋण प्राप्त करने मैं मदद मिलती है। यही नहीं निवेशकों के द्वारा, इक्विटी फंडिंग लेने के लिए बजट की आवश्यकता होती है। 

यह भी पढ़े – अपने लक्ष्य को कैसे प्राप्त करें?

बिजनेस बजट कैसे बनाएं ( how to create a business budget )

यदि आप एक सक्सेसफुल और सस्टेनेबल व्यवसाय बनाने जा रहे हो, तो आपके लिए संक्षिप्त में बिजनेस बजट बनाना अनिवार्य है। 

लेकिन कैसे? चलिए स्टेप बाय स्टेप जानते हैं की एक छोटे व्यवसाय के लिए बजट कैसे बनाया जाता है। 

स्टेप 1: अपनी इनकम सोर्स को लिखें

व्यवसाय के बजट का निर्माण करते समय,सबसे पहले आपको यह पता लगाना होगा कि प्रत्येक महीने में आपका व्यवसाय कितना पैसा ला रहा है और वह पैसा कहाँ से आ रहा है।

आपके व्यवसाय के यह आंकड़े, आपको जानकारी देंगे कि आप कहां से कितना लाभ कमा रहे हो। जिसकी मदद से, आप अपने व्यवसाय के लिए आय के अन्य शोध भी जोड़ सकते हो। 

इससे आप व्यवसाय एक ऐसा ढांचा तैयार करने में सक्षम हो जाओगे, जिसके अनेक सोर्स ऑफ इनकम हो। 

उदाहरण के लिए, यदि आप एक ब्लॉगिंग व्यवसाय चलाते हैं, तो आपके पास आय के कई स्रोत हो सकते हैं:

  • एक ब्लॉगिंग कोर्स जो आप अपनी वेबसाइट पर बेचते हैं
  • अन्य ब्लॉगर कंसल्टेंसी सर्विस देना जो नया ब्लॉग शुरू कर रहे हैं
  • एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा आप कंपनियों का प्रोडक्ट बेच रहे हैं

स्टेप 2: निश्चित लागत निर्धारित करें

एक बार जब आपको अपनी आय का पता चल जाता है तो आपके लिए निश्चित लागत तय करना भी आवश्यक है। 

आपकी निर्धारित लागतें ऐसे खर्च हैं जो महीने-दर-महीने एक समान रहते हैं। इसमें किराया, कुछ उपयोगिताओं (जैसे इंटरनेट या फोन योजना), वेबसाइट होस्टिंग, और पेरोल लागत जैसे खर्च शामिल हो सकते हैं।

अपने खर्चों को एनालाइज करें (या तो अपने बैंक स्टेटमेंट्स के माध्यम से या अपने अकाउंट रिपोर्ट्स के माध्यम से) और देखें कि कौन सी लागतें महीने-दर-महीने से समान हैं। ये वे खर्च हैं जिन्हें आप निश्चित लागत के रूप में रख सकते हैं।

एक बार ये लागत निर्धारित हो जाने के बाद, महीने के लिए अपने कुल निश्चित लागत खर्चों को जानने के लिए उन्हें एक साथ जोड़ें।

नोट: यदि आप अपना व्यवसाय शुरू कर रहे हैं और आपके पास एनालाइज करने के लिए वित्तीय डेटा नहीं है, तो अनुमानित लागत का उपयोग करें। उदाहरण के लिए, यदि आपने कोई ऑफिस लिया है, तो उसके मासिक किराए को आप निश्चित लागत में ले सकते हैं। 

स्टेप 3 : अनिश्चित (परिवर्तनीय) खर्च शामिल करें

अनिश्चित लागत एक निश्चित मूल्य के साथ नहीं आती है। यह आपके व्यवसाय के प्रदर्शन और गतिविधि के आधार पर हर महीने अलग-अलग होगी। इनमें बिजली या गैस, शिपिंग लागत, बिक्री आयोग या यात्रा जैसी चीजें शामिल होती हैं।

अनिश्चित खर्च महीने-दर-महीने बदलता रहता है। जब आपका लाभ उम्मीद से अधिक होता है, तो आप अनिश्चित खर्च अधिक कर सकते हैं। जो आपके व्यवसाय को तेज़ी से बढ़ाने में मदद करेंगे। लेकिन जब आपका लाभ उम्मीद से कम हो, तो इन अनिश्चित खर्च को काटने पर विचार करें जब तक आप अपना लाभ प्राप्त नहीं कर सकते।

प्रत्येक महीने के अंत में, अपने अनिश्चित खर्चों को ऑडिट करें। समय के साथ, आपको यह समझ में आ जाएगा कि ये खर्च आपके व्यवसाय के प्रदर्शन के साथ कैसे घटते और बढ़ते हैं, जो आपके व्यवसाय के अनुसार अधिक सटीक वित्तीय अनुमान और बजट बनाने में करेगा।

स्टेप 4 : वन टाइम खर्च को शामिल करें

आपके कई व्यवसाय  नियमित खर्च होंगे जो आप प्रत्येक महीने के लिए भुगतान करते हैं, चाहे वे निश्चित या अनिश्चित लागत हों। लेकिन ऐसी लागतें भी हैं जो अक्सर कम होती हैं। उन खर्चों को अपने बजट में शामिल करना न भूलें।

अगर आप किसी ऐसी चीज को जानते हो जिन पर आप एक बार खर्चा करते हैं उदाहरण के लिए, कोई बिजनेस कोर्स या एक नया लैपटॉप तो यह वन टाइम खर्च है। 

यह भी पढ़े – Business planing in hindi 

स्टेप 5 : सब को एक साथ करें

आपने अपने सभी आय स्रोतों और अपने सभी खर्चों के बारे में जान लिया है। आगे क्या होगा? अब हर महीने की वित्तीय स्थिति के बारे में जानने के लिए अपने व्यवसाय के बजट पर, आपको अपने कुल लाभ और कुल खर्चों को लिखना होगा। इनके बीच का अंतर आपको बताएगा कि आप कितने प्रॉफिटेबल है।